जानें किसानों को तौलकांटे से कैसे लगाई जा रही चपत

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हरदा। समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर गेहूं की तुलाई का काम सही नहीं चल रहा। पिछले दिनों सिराली क्षेत्र के आमासेल केंद्र पर ऐसी ही गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को गोंदागांव खरीदी केंद्र पर भी यही पाया गया। किसान प्रतिनिधियों ने जब केंद्र के इलेक्ट्रानिक तौल कांटे पर 50 किलो का बांट रखा तो स्क्रीन पर आधा किलो कम वजन कम दर्शाया गया। किसान प्रतिनिधियों ने तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और गड़बड़ी की शिकायत की। पंचनामा कार्रवाई भी की गई। आम किसान यूनियन के सदस्य अपने साथ 50 किलो का बांट लेकर खरीदी केंद्र पर पहुंचे। जब तौलकांटे पर 50 किलो का बांट रखा गया तो आधा किलो कम वजन दिखाया गया। कांटे 50 किलो की बजाए 49 किलो 500 ग्राम और 49 किलो 400 ग्राम वजन ही बता रहे थे। यानी 50 किलो पर आधा किलो ज्यादा तौला जा रहा है। 400 ग्राम की बोरी के नाम पर 800 ग्राम तक ज्यादा अनाज तौला जा रहा है। यूनियन द्वारा सहकारिता बैंक के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने व्यवस्था को सुधारने का आश्वासन दिया।

नुकसानी से बचने के लिए होती है गड़बड़ी जानकारों के मुताबिक सहकारी समितियों द्वारा नुकसानी से बचने के लिए गड़बड़ी का खेल किया जाता है। किसान से उपज लेने के एक या दो दिन बाद ट्रक में इसका लदान होता है। खुले में उपज पड़ी होने से नमी घटती है। वहीं ट्रक का वजन इलेक्ट्रानिक कांटे पर करने से भी वजन में अंतर आता है। वेयरहाउस पर पहुंचने वाले माल में घटत आने से होने वाला नुकसान समितियों को ही भुगतना पड़ता है। लिहाजा इनका स्टाफ अपनी नुकसानी किसानों के सिर पहले से ही करके चलता है। जिस बोरी में गेहूं भरा जाता है वह ४२० से ४५० ग्राम वजनी होती है। इसके बावजूद 50 किलो तुलाई पर ५८० ग्राम बोरी के वजन के एवज में उपज तौली जाती है। यह नुकसान सीधा किसान को भुगतना पड़ रहा है।

अब तक ४० हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जिले में ४५५७४ किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इनमें 7391 पंजीयन नए हंै। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक रविंद्र पोरवाल के मुताबिक शुक्रवार तक ४०.५०० मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। इसमें से ३२७०० मीट्रिक टन का परिवहन हो चुका है। खरीदी के एवज में सोमवार को 8 करोड़ ९५ लाख रुपए का भुगतान सहकारी बैंक को दिया गया है। अगली किश्त भी जल्द ही जारी की जाएगी। सप्ताहभर में नहीं हो रहा भुगतान उधर, किसानों के खातों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की राशि एक सप्ताह बाद भी नहीं मिली है। किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहन विश्नोई ने बताया कि बिल पर एक सप्ताह में भुगतान संबंधी निर्देश लिखे हुए हैं। इसके बावजूद किसानों को राशि देना शुरू नहीं हुआ। इसके चलते उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

केंद्रों पर नहीं है छांव, पेयजल की व्यवस्था आम किसान यूनियन के केदार सिरोही, राम इनानिया आदि ने बताया कि खरीदी केंद्र पर किसानों के लिए बैठने, पीने के पानी, छांव की व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद यहां पर किसी तरह के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। दो केंद्र प्रभारियों को हटाया इधर, इस संबंध में एआरसीएस छविकांत वाघमारे ने बताया कि सोनतलाई खरीदी केंद्र प्रभारी अनिल जेवल्या को हटाया गया है। वहीं गोंदागांवकला केंद्र प्रभारी नंदा कौशल को तौल में गड़बड़ी की शिकायत पर हटाया गया है। वाघमारे के मुताबिक वेयरहाउस पर 5० किलो ५८० ग्राम वजन के अनुसार माल लिया जाता है। समितियों को भी इसी वजन पर खरीदी करने के निर्देश हैं।

 

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